हल्द्वानी। व्यापारियों से जुड़ी GST और विभागीय कार्यवाही की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बुधवार को संयुक्त आयुक्त हेमा बिष्ट से मुलाकात की। व्यापार मंडल ने बैठक के दौरान व्यापारियों की समस्याओं को बिंदुवार रखा और उनके जल्द समाधान की मांग की।
बैठक में व्यापारियों ने विशेष रूप से GST रिफंड, ITC, अपीलीय मामलों के निस्तारण, गैर-पंजीकृत कारोबार और बैंक खाते से बकाया राशि की वसूली जैसे मुद्दे उठाए।
GST में जमा रकम के रिफंड में देरी का मुद्दा
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि कई व्यापारियों की GST के रूप में जमा धनराशि का रिफंड समय पर नहीं हो पा रहा है। इससे कारोबारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने विभाग से रिफंड प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की।
छापेमारी और विभागीय कार्रवाई पर भी जताई आपत्ति
बैठक में व्यापार मंडल ने पंजीकृत व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर होने वाली विभागीय जांच और कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि नियमों के अनुरूप ही कार्रवाई की जानी चाहिए और अनावश्यक रूप से व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
बिना GST पंजीकरण कारोबार करने वालों पर कार्रवाई की मांग
व्यापारियों ने ऐसे कारोबारियों का मुद्दा भी उठाया जो उनके अनुसार बिना GST पंजीकरण के व्यापार कर रहे हैं। व्यापार मंडल ने विभाग से ऐसे मामलों की जांच कर पात्र कारोबारियों को GST के दायरे में लाने की मांग की।
व्यापार मंडल का कहना है कि पंजीकृत कारोबारियों के साथ-साथ गैर-पंजीकृत कारोबार पर भी विभाग की निगरानी समान रूप से होनी चाहिए।
बैंक खाते से बकाया वसूली पर भी सवाल
बैठक में व्यापारियों ने बकाया राशि की वसूली के लिए बैंक खाते से सीधे रकम काटे जाने की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। व्यापार मंडल ने इसे व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बताते हुए संबंधित नियमों की समीक्षा की मांग रखी।
अपीलीय मामलों में देरी का मुद्दा उठा
व्यापारियों ने अपीलीय मामलों के निस्तारण में कथित देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि लंबित मामलों का समय पर समाधान नहीं होने से व्यापारियों को लगातार विभागीय प्रक्रिया में उलझना पड़ता है।
व्यापार मंडल ने अपीलीय मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने की मांग की।
ITC से जुड़े मामलों के समाधान की मांग
व्यापारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े मामलों को भी बैठक में रखा। उनका कहना था कि कुछ मामलों में विभाग के पास व्यापारी की राशि उपलब्ध होने के बावजूद टैक्स की मांग की जा रही है। व्यापार मंडल ने ऐसे मामलों की जांच कर उचित समाधान की मांग की।
विभाग ने कैंप लगाकर समस्याएं सुनने का दिया भरोसा
व्यापार मंडल के अनुसार, संयुक्त आयुक्त हेमा बिष्ट ने बैठक में उठाए गए सभी बिंदुओं पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि विभिन्न ट्रेड एसोसिएशनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए बाजार क्षेत्रों में विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों की जानकारी व्यापार मंडल को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में व्यापार मंडल की ओर से प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र फर्स्वाण, प्रदेश सचिव राकेश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता, जिला अध्यक्ष कुंदन बिष्ट सहित कई पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।
विभाग की ओर से डिप्टी कमिश्नर विनय ओझा, डिप्टी कमिश्नर शैलजा पाठक और असिस्टेंट कमिश्नर हितेश पंत समेत अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।








