अल्मोड़ा। उत्तराखंड भाजपा के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष, वरिष्ठ जननेता और पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. पूरन चन्द्र शर्मा की तृतीय पुण्यतिथि पर शनिवार को नगर निगम सभागार में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘विरासत हमारा परिवार’ के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्व. पूरन चन्द्र शर्मा के राजनीतिक और सामाजिक जीवन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन सादगी, अनुशासन, जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण से जुड़ा रहा।
कार्यक्रम संयोजक राजीव गुरुरानी ने कहा कि स्व. शर्मा ने अल्मोड़ा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए नगर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए गंभीर प्रयास किए। पर्वतीय विकास मंत्री के रूप में भी उन्होंने दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा अल्मोड़ा से कमल के निशान पर निर्वाचित होने वाले भाजपा के प्रथम विधायक थे। संगठन के शुरुआती दौर में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद बनाए रखने और जनसंपर्क को प्राथमिकता दी।
भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा जैसे वरिष्ठ नेताओं के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष से लेकर विधायक और मंत्री तक की जिम्मेदारियों के दौरान शर्मा अपनी स्पष्टवादी और दृढ़ कार्यशैली के लिए पहचाने जाते रहे।
महेश नयाल ने भक्तोला सम्मेलन में उत्तराखंड राज्य की मांग को उठाए जाने के संदर्भ में भी स्व. शर्मा की भूमिका को याद किया। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा और उत्तराखंड के विकास को लेकर उनकी सोच दूरदर्शी थी।
पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने स्व. पूरन चन्द्र शर्मा के जीवन से जुड़े कई प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि शर्मा अनुशासनप्रिय और समय के पाबंद थे। छात्र जीवन में उन्होंने जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और आपातकाल के दौरान जेल भी गए। बाद में वे संगठन की गतिविधियों से लगातार जुड़े रहे।
कैलाश शर्मा ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा जनसंघ के महामंत्री भी रहे। कार्यकर्ताओं के प्रति उनका व्यवहार हमेशा आत्मीय रहा और वे पद के आधार पर किसी कार्यकर्ता में भेद नहीं करते थे।
पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा ने कहा कि स्व. शर्मा ने जिस दौर में सार्वजनिक जीवन में काम किया, उस समय परिस्थितियां काफी अलग थीं। इसके बावजूद उन्होंने संगठन और समाज के लिए लगातार काम किया। उनकी सादगी और कार्यकर्ताओं के प्रति उनका जुड़ाव हमेशा याद किया जाएगा।
भाजपा नेता बिपिन भट्ट ने कहा कि आपातकाल और राम जन्मभूमि आंदोलन जैसे दौर में संगठन के लिए काम करने वाले वरिष्ठ नेताओं के संघर्ष को याद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के अनुभव और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का योगदान केवल राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं था। उन्होंने संगठन निर्माण, पर्वतीय विकास और जनसमस्याओं को लेकर भी लगातार काम किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, दर्शन रावत, बिपिन भट्ट, धर्मेंद्र बिष्ट, महेंद्र रावत, जगत कनवाल, मनीष जोशी, जगमोहन बिष्ट, जगत भट्ट, त्रिलोक राम, हरीश सतवाल, संजय बिष्ट, नवीन बिष्ट, पूर्णानंद शर्मा, कमला तिवारी, बीना नयाल, दीपा पांडे, दीपा अधिकारी, ममता साह, ज्योति लटवाल, मीना नेगी, प्रेम लटवाल, आनंद कनवाल, हरीश कनवाल, नमन गुरुरानी, अर्जुन कनवाल, नीरज सांगा, हिमाल शर्मा, मोहित बिष्ट और पंकज रौतेला सहित कई लोग मौजूद रहे।








