अल्मोड़ा। नगर पालिका सभागार में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में अल्मोड़ा के महापौर अजय वर्मा ने निर्वाचन प्रक्रिया और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से हाल में जारी संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दों को लेकर सार्वजनिक रूप से उठाए जा रहे सवालों की स्थिति आयोग के स्पष्टीकरण के बाद स्पष्ट हुई है।
SIR को लेकर विपक्ष के सवालों पर भाजपा का पक्ष
अजय वर्मा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से जारी संयुक्त बयान में SIR समेत महत्वपूर्ण निर्णयों को आयोग की सर्वसम्मति से लिए जाने की बात स्पष्ट की गई है।
उन्होंने कहा कि 24 जून 2025 के मूल आदेश से लेकर विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR से संबंधित कार्यक्रम तय करने तक आयोग की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके अनुसार, विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने के जो सवाल उठाए जा रहे थे, संयुक्त बयान के बाद उस संबंध में आयोग का पक्ष सामने आ गया है।
कैबिनेट सचिव को भेजे पत्र का भी किया जिक्र
पत्रकार वार्ता में महापौर ने कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि यह पत्र SIR या आयोग की किसी चुनावी नीति से संबंधित नहीं था, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी से जुड़े प्रशासनिक विषय से संबंधित था।
अजय वर्मा ने कहा कि इस पत्र को SIR की प्रक्रिया अथवा चुनाव आयोग की नीतिगत कार्यवाही से जोड़कर देखने के बजाय आयोग की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को ध्यान में रखना चाहिए।
फॉर्म-6 को लेकर भी रखी बात
महापौर ने फॉर्म-6 को लेकर उठ रहे सवालों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि SIR के दौरान फॉर्म-6 से संबंधित घोषणा-पत्र की प्रक्रिया के बारे में चुनाव आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। वहीं, SIR के बाहर सामान्य अवधि में पहले से लागू नियमों के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया जारी रहती है।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए छूटे हुए मतदाताओं तक पहुंचने, विशेष शिविर आयोजित करने और बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक फॉर्म उपलब्ध कराने जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है।
संवैधानिक संस्थाओं पर चर्चा तथ्यों के आधार पर हो: अजय वर्मा
अजय वर्मा ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन निर्वाचन प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मामलों में चर्चा आधिकारिक दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद SIR, फॉर्म-6 और कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र से जुड़े मुद्दों पर आयोग का पक्ष जनता के सामने है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को तथ्यों के साथ समझना महत्वपूर्ण है।
पत्रकार वार्ता में ये लोग रहे मौजूद
भाजपा की ओर से आयोजित इस पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट, जिला मीडिया संयोजक मनीष जोशी और सभासद कैलाश गुरुरानी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
नोट: SIR और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर इस खबर में भाजपा की ओर से पत्रकार वार्ता में रखे गए पक्ष को प्रस्तुत किया गया है। संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और चुनाव आयोग के बयानों को संदर्भ के रूप में देखा जाना चाहिए।








