दर्जा राज्यमंत्री ने कहा- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर जरूरी
अल्मोड़ा। दर्जा राज्यमंत्री गंगा बिष्ट ने शनिवार को खत्याड़ी स्थित अस्मिता जूट सेंटर का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में प्रशिक्षण ले रही महिलाओं और अन्य प्रशिक्षुओं से बातचीत की। उन्होंने महिलाओं से उनके काम और प्रशिक्षण के अनुभवों की जानकारी लेते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
गंगा बिष्ट ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में इस तरह के प्रशिक्षण केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने प्रशिक्षण ले रही महिलाओं से प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाले लाभ, उनके अनुभव और आगे की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को कौशल विकास के साथ आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना आज की जरूरत है। जूट से तैयार होने वाले विभिन्न उत्पाद महिलाओं के हुनर को रोजगार और व्यवसाय से जोड़ने का अच्छा माध्यम बन सकते हैं।
दर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और बाजार से जोड़ने के साथ स्वरोजगार के लिए जरूरी अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
गंगा बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा और कौशल को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्रों की महिलाओं में हुनर की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि उनके हुनर को सही प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अस्मिता जूट सेंटर जैसे प्रयास महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र से जुड़े पदाधिकारियों और प्रशिक्षुओं ने दर्जा राज्यमंत्री गंगा बिष्ट का स्वागत किया। उन्होंने सेंटर में चल रहे प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियों की जानकारी भी दी। इस दौरान प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की बात कही।








