हल्द्वानी, 18 सितंबर 2026। शिक्षार्थियों की समस्याओं, सवालों और सुझावों को सीधे विश्वविद्यालय तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) की ओर से ‘जन संवाद कार्यक्रम भाग-2’ के दूसरे चरण का आयोजन शुक्रवार को ऑनलाइन माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन Zoom के जरिए हुआ और इसे विश्वविद्यालय के आधिकारिक Facebook, Instagram और YouTube चैनल @UOULive पर लाइव प्रसारित किया गया। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो ‘हैलो हल्द्वानी 91.2 FM’ ने भी कार्यक्रम के संचालन और प्रसारण में सहयोग किया।
‘सूचना, संवाद और समाधान’ की अवधारणा पर आयोजित कार्यक्रम की थीम ‘शिक्षा, अवसर और विश्वास: मिलकर करें उत्कृष्ट विश्वविद्यालय का निर्माण’ रखी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की विभिन्न सेवाओं और प्रक्रियाओं की जानकारी देने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी के अध्यक्षीय संबोधन से हुई। उन्होंने शिक्षार्थियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान तक पहुंचाने में ऐसे कार्यक्रमों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने प्रवेश, अध्ययन सामग्री, परीक्षा, शोध, प्लेसमेंट और अन्य छात्र सुविधाओं से जुड़ी जानकारी साझा की।
इस दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में शिक्षार्थियों की ओर से 30 से अधिक सवाल पूछे गए। इनमें प्रवेश प्रक्रिया, अध्ययन केंद्र, पाठ्यक्रम सामग्री, विद्यार्थी विवरण में संशोधन, DEB ID, परीक्षा केंद्र बदलने, शुल्क वापसी, लेन-देन, प्लेसमेंट और छात्रवृत्ति से जुड़े सवाल प्रमुख रहे।
नेपाल के शिक्षार्थियों ने भी डिग्री की समकक्षता और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने जवाब दिया। विद्यार्थियों ने अपने सवाल वीडियो संदेश, ई-मेल और लाइव चैट के माध्यम से भेजे।
विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को सलाह दी गई कि वे आधिकारिक वेबसाइट और ‘Student One View’ पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी को नियमित रूप से देखें। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग की आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से भी संपर्क करने को कहा गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सुमित प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में ICT और मीडिया टीम सहित सभी विशेषज्ञों, शिक्षार्थियों और प्रतिभागियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।








