मेडिकल कॉलेज पहुंचकर किया निरीक्षण, प्राचार्य और तकनीकी कर्मियों से की बात; शनिवार तक मशीन ठीक होने की उम्मीद
अल्मोड़ा। राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में लंबे समय से खराब पड़ी सिटी स्कैन मशीन को लेकर मरीजों को हो रही परेशानी का मामला भाजपा नेता बिट्टू कर्नाटक ने उठाया है। शुक्रवार को वह मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मशीन का निरीक्षण करने के साथ ही कॉलेज प्रशासन से इसकी खराबी और मरम्मत को लेकर जानकारी ली।
बिट्टू कर्नाटक ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से फोन पर बात कर मशीन को जल्द ठीक कराने के लिए की जा रही कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों से भी संपर्क किया और मशीन की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा।
जानकारी के अनुसार मशीन को ठीक करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और शनिवार तक सिटी स्कैन मशीन के दोबारा चालू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गंभीर मरीजों के लिए जिला अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था
मशीन के ठीक होने तक गंभीर मरीजों को जांच के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। ऐसे मरीजों को सिटी स्कैन जांच के लिए जिला अस्पताल भेजने की व्यवस्था कराई गई है। इससे जरूरतमंद मरीजों की जांच समय पर हो सकेगी और उपचार में देरी से बचा जा सकेगा।
बिट्टू कर्नाटक ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में सिटी स्कैन जैसी जरूरी जांच सुविधा का लंबे समय तक बंद रहना गंभीर मामला है। पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों से लोग इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचते हैं। ऐसे में जांच के लिए उन्हें दूसरे अस्पताल भेजना मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी के साथ-साथ अतिरिक्त खर्च का कारण बनता है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण मरीजों को भटकना न पड़े, इसके लिए जब तक मशीन ठीक नहीं होती, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहने और मशीन को जल्द से जल्द सुचारू कराने की बात कही।
कर्नाटक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी छोटी तकनीकी समस्या का असर सीधे मरीजों पर पड़ता है। इसलिए ऐसी खराबियों का समाधान जल्द होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि शनिवार तक मशीन ठीक होकर सिटी स्कैन की सुविधा सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल अल्मोड़ा समेत पूरे पर्वतीय क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां आने वाले मरीजों को जांच और इलाज के लिए अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय जारी रखा जाएगा।








