
जुबिन नौटियाल के पिता की कांग्रेस में वापसी से बढ़ी राजनीतिक हलचल, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बदले समीकरणों पर चर्चा तेज
देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। इसी बीच देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष और चकराता विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी रह चुके रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में शामिल होने की खबर सामने आई है। प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल के इस फैसले को प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामशरण नौटियाल ने सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य गुरदीप सप्पल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने उनका स्वागत करते हुए संगठन को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई।
जिला पंचायत अध्यक्ष से विधानसभा चुनाव तक का सफर
रामशरण नौटियाल उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह देहरादून जिला पंचायत के अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। जौनसार-बावर क्षेत्र से उनका जुड़ाव रहा है और चकराता क्षेत्र के विकास, बुनियादी सुविधाओं तथा नई टाउनशिप जैसे मुद्दे उनकी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
2014 में भाजपा में हुए थे शामिल
रामशरण नौटियाल की राजनीतिक यात्रा में इससे पहले भी बड़ा बदलाव देखने को मिला था। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। इसके बाद वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें चकराता सीट से उम्मीदवार बनाया।
इस चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह से हुआ था। हालांकि, चुनाव में रामशरण नौटियाल को हार का सामना करना पड़ा।
2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति पर नजर
अब कांग्रेस में उनकी वापसी के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। खासकर जौनसार-बावर और चकराता क्षेत्र में उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर लोगों की नजर रहेगी।
हालांकि, कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी या उनकी चुनावी भूमिका क्या होगी, इस संबंध में अभी किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
रामशरण नौटियाल के कांग्रेस में लौटने का आगामी विधानसभा चुनाव और क्षेत्रीय राजनीति पर कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।








