बिजली कटौती की सूचना में अब प्रभावित क्षेत्रों के नाम बताना होगा अनिवार्य, आयुक्त दीपक रावत के सख्त निर्देश

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नैनीताल/हल्द्वानी। बिजली कटौती को लेकर विद्युत विभाग की ओर से जारी होने वाली सूचनाओं में अब केवल फीडर का नाम बताना पर्याप्त नहीं होगा। विभाग को बिजली आपूर्ति प्रभावित होने वाले सभी क्षेत्रों के नाम स्पष्ट रूप से प्रकाशित करने होंगे। कुमाऊं मंडल आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने इस संबंध में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL) के मुख्य अभियंता, हल्द्वानी/रुद्रपुर को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

आयुक्त दीपक रावत ने विद्युत विभाग द्वारा समाचार पत्रों में प्रकाशित की जाने वाली बिजली कटौती संबंधी सूचनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अक्सर विभाग की ओर से किसी विशेष फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहने की जानकारी तो दी जाती है, लेकिन कटौती से प्रभावित होने वाले वास्तविक क्षेत्रों के नाम स्पष्ट रूप से नहीं बताए जाते।

उन्होंने कहा कि इस तरह की अधूरी जानकारी के कारण आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों को यह पता नहीं चल पाता कि उनके क्षेत्र में बिजली आपूर्ति कब और कितने समय के लिए प्रभावित रहेगी। इससे वे अपने जरूरी कार्यों की पहले से व्यवस्था नहीं कर पाते।

आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में बिजली कटौती से संबंधित कोई भी सूचना समाचार पत्रों अथवा अन्य माध्यमों से प्रकाशित की जाए तो उसमें संबंधित फीडर के साथ-साथ उससे प्रभावित होने वाले सभी क्षेत्रों के नाम भी अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएं।

उन्होंने कहा कि बिजली कटौती की सूचना जितनी स्पष्ट और क्षेत्रवार होगी, उतना ही आम उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। इससे लोगों को पहले से जानकारी मिल सकेगी और वे बिजली आपूर्ति बाधित रहने के दौरान पानी, बिजली से जुड़े आवश्यक कार्यों तथा अन्य घरेलू व्यवस्थाओं की तैयारी कर सकेंगे।

आयुक्त दीपक रावत ने UPCL अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था के लागू होने से बिजली कटौती को लेकर उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानी कम होगी और विद्युत विभाग की सूचनाओं में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

Chetna News
Author: Chetna News

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