
हल्द्वानी। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) में बीते तीन दिनों के भीतर स्वाइन फ्लू से संक्रमित दो बुजुर्ग मरीजों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। लगातार हुई दो मौतों के बाद अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
अस्पताल में स्वाइन फ्लू से संबंधित मरीजों की जांच और उपचार के लिए अलग क्लीनिक की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही संक्रमित या संदिग्ध मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है।
संक्रमण रोकने के लिए अस्पताल में बढ़ाई गई निगरानी
अस्पताल प्रशासन की ओर से संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। मरीजों की जांच, उपचार और निगरानी के साथ स्वास्थ्यकर्मियों को भी संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
स्वाइन फ्लू के लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और अन्य जोखिम वाले लोगों में लक्षण गंभीर होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण से बचाव के लिए भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
अस्पताल में हुई दोनों मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। हालांकि, स्वाइन फ्लू के मामलों की वास्तविक स्थिति और संक्रमण की गंभीरता को लेकर आधिकारिक आंकड़ों की जानकारी संबंधित स्वास्थ्य विभाग की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।








