अल्मोड़ा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोडके के निर्देशन में जिलेभर में जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। पुलिस की ओर से स्कूलों, कॉलेजों, नगरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को साइबर अपराध, नशे और यातायात नियमों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में 6 अक्टूबर 2026 को प्रभारी निरीक्षक महिला कोतवाली अल्मोड़ा श्रीमती जानकी भंडारी के नेतृत्व में महिला पुलिस टीम ने स्प्रिंग डेल स्कूल, अल्मोड़ा में छात्र-छात्राओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इस दौरान महिला कांस्टेबल तुलसी गोस्वामी और महिला कांस्टेबल द्रौपदी सुयाल ने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड, नशे के दुष्प्रभाव और यातायात नियमों के बारे में जानकारी दी।
साइबर ठगी से बचने के बताए उपाय
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। छात्र-छात्राओं को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, पासवर्ड या निजी जानकारी साझा न करें। इसके साथ ही संदिग्ध मैसेज और अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचने की जानकारी दी गई।
पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। वहीं किसी आपात स्थिति में डायल-112 पर पुलिस की सहायता ली जा सकती है।
छात्राओं को गौरा शक्ति ऐप की जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को गौरा शक्ति ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने महिला सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता लेने के तरीकों के बारे में छात्राओं को बताया।
नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील
पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में भी बताया। छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अलावा सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और सड़क पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की जानकारी दी गई।
अल्मोड़ा पुलिस का कहना है कि युवाओं और आम लोगों को जागरूक करने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।








