पटवाडांगर, अलकनंदा होटल और ऋषिकेश PWD गेस्ट हाउस के PPP प्रोजेक्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस ने मांगा जवाब
हल्द्वानी, 17 सितंबर 2026। उत्तराखंड में सरकारी जमीन और सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर सियासत तेज हो गई है। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की महत्वपूर्ण सरकारी संपत्तियों को निजी क्षेत्र के हवाले करने की दिशा में आगे बढ़ने का आरोप लगाया है। वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने भी सरकार से ऐसी संपत्तियों से जुड़ी निविदाओं, शर्तों और प्रक्रिया की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
सुमित हृदयेश ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी जल, जंगल और जमीन से है। उनके मुताबिक प्रदेश की सरकारी जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां केवल वर्तमान सरकार की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण संसाधन हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सरकारी संपत्तियों को लंबे समय के लिए निजी क्षेत्र के साथ PPP व्यवस्था में देने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) की वेबसाइट पर दर्ज कुछ निविदाओं का हवाला देते हुए कहा कि नैनीताल के पटवाडांगर प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट, हरिद्वार के अलकनंदा होटल तथा ऋषिकेश PWD गेस्ट हाउस से संबंधित PPP परियोजनाओं को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सुमित हृदयेश ने सवाल उठाया कि इन परियोजनाओं के माध्यम से सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल से राज्य सरकार को कितना आर्थिक लाभ होगा, स्थानीय लोगों को कितने रोजगार मिलेंगे और स्थानीय कारोबारियों की इसमें कितनी भागीदारी होगी, इसकी जानकारी जनता के सामने रखी जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संसाधनों को निजी क्षेत्र के हवाले करने की प्रक्रिया में सरकार के करीबी लोगों और बड़े कारोबारी समूहों को लाभ पहुंचाए जाने की आशंका है। उन्होंने सरकार से इन आरोपों को लेकर भी स्पष्ट स्थिति सामने रखने की मांग की।
जॉर्ज एवरेस्ट मामले का भी उठाया मुद्दा
विधायक सुमित हृदयेश ने जॉर्ज एवरेस्ट मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकारी निवेश से विकसित परिसंपत्तियों को निजी ऑपरेटर को लंबे समय के लिए दिए जाने को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं।
उन्होंने उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए 142 एकड़ भूमि की लीज और लगभग एक करोड़ रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क का उल्लेख किया। सुमित हृदयेश ने कहा कि सरकारी संपत्तियों से जुड़े ऐसे मामलों में प्रक्रिया, मूल्यांकन और सरकार को होने वाले लाभ की जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच उठाएगी और सरकारी एवं प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता की मांग करती रहेगी।
गोविंद सिंह बिष्ट बोले- आने वाली पीढ़ियों की भी है सरकारी जमीन
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन केवल वर्तमान समय की संपत्ति नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों की भी पूंजी है।
उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों की जमीन और महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र के साथ जोड़ने से पहले सरकार को जनता को पूरी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि किन संपत्तियों को PPP या लीज व्यवस्था में दिया जा रहा है, उनकी अवधि क्या है और इसके पीछे सरकार की शर्तें क्या हैं।
बिष्ट ने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित निविदाओं में स्थानीय युवाओं, स्थानीय कारोबारियों और स्थानीय लोगों के लिए क्या अवसर रखे गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों का इस्तेमाल जनहित, रोजगार और सार्वजनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि सरकारी संपत्तियों से जुड़ी नीलामी, लीज और PPP प्रक्रिया, मूल्यांकन, शर्तों तथा उससे होने वाले आर्थिक लाभ का विवरण सार्वजनिक किया जाए।
कांग्रेस ने पारदर्शिता की मांग दोहराई
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक एवं सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि PPP और लीज व्यवस्था से प्रदेश को दीर्घकाल में क्या लाभ होगा तथा स्थानीय लोगों के हितों को किस तरह सुरक्षित किया जाएगा।
कांग्रेस ने कहा कि वह इस मुद्दे को आगे भी जनता के बीच उठाती रहेगी और सरकारी संपत्तियों से जुड़े फैसलों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करेगी।








