लालकुआं। नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के संचालक मंडल सदस्य और धारी-पोखराड़ निवासी किशन सिंह बिष्ट के आकस्मिक निधन से दुग्ध संघ समेत सहकारी और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन की खबर मिलते ही संघ के अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रबंध कमेटी से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
किशन सिंह बिष्ट नैनीताल दुग्ध संघ के संचालक मंडल में दो बार निर्विरोध चुने गए थे। इसके अलावा वह धारी क्षेत्र में दो बार ग्राम प्रधान और एक बार क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रहे। ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े रहने के कारण उन्हें गांव के विकास, पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय की अच्छी समझ थी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों को दुग्ध उत्पादन एवं पशुपालन से जोड़ने के लिए भी लगातार काम किया।
पर्वतीय क्षेत्र में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने में किशन सिंह बिष्ट की खास पहचान थी। कीवी की खेती को पहाड़ के किसानों के लिए आय का बेहतर जरिया बनाने की दिशा में उनके प्रयासों के चलते उन्हें क्षेत्र में ‘कीवीमैन’ के नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने कीवी उत्पादन के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय को बढ़ावा देने में भी योगदान दिया।
उनका सहकारी और सामाजिक क्षेत्र से भी लंबे समय से जुड़ाव रहा। ग्रामीणों के बीच उनकी सक्रियता और किसानों व पशुपालकों से निरंतर संपर्क के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान थी।
किशन सिंह बिष्ट के निधन पर नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किशन सिंह बिष्ट का निधन दुग्ध संघ और सहकारी क्षेत्र के लिए बड़ी क्षति है। उनके निधन के चलते संघ की ओर से अगले तीन दिनों तक निर्धारित बैठक, बोनस वितरण सहित अन्य कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
नैनीताल दुग्ध संघ के आँचल परिवार, प्रबंध कमेटी, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।








